ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद।
ऋग-स्थिति,
यजु-रूपांतरण,
साम-गतिशील और
अथर्व-जड़।
ऋक को धर्म,
यजुः को मोक्ष,
साम को काम,
अथर्व को अर्थ
भी कहा जाता है।
इन्ही के आधार पर धर्मशास्त्र, अर्थशास्त्र, कामशास्त्र और मोक्षशास्त्र की रचना हुई।
आज बस इतना ही……