Category: ईश्वर

संसार

हम जिस सृष्टि या संसार में रहते हैं उसको बने व चलते हुए 1 अरब 96 करोड़ से अधिक वर्ष हो गये हैं।इस अवधि में मनुष्यों की लगभग 78 हजार पीढि़यां बीत गई हैं अर्थात् हमारे माता-पिता, उनके माता-पिता, फिर उनके और फिर उनके माता-पिता, इस प्रकार पीछे चलते जाये तो लगभग 78 हजार पूर्वज […]

ईश्वर मतलब क्या …..?

कुछ लोगों का मानना है कि ईश्वर शब्द अवैदिक है और इसे प्रयोग करना अधर्म है क्योंकि उनलोगों का मानना है इसाई धर्म के ईशा से ईश्वर शब्द का निर्माण हुआ है । लेकिन , उपरोक्त सारे तथ्य गलत है । तो फिर ईश्वर है क्या और इसका मतलब क्या होता है , आइये जानते […]

शास्त्रीय कला

सत्य, शिव और सौन्दर्य के बीच सम्यक सन्तुलन का नाम ही शास्त्रीय कला है | शास्त्र के खूँटे को तोड़कर विश्वामित्री सृष्टि रचने की उमंग को रोमांटिसिज्म कहते हैं | दोनों प्रवृत्तियों में वाद और प्रतिवाद की तरह संघर्ष चलता रहता है जिसका परिणाम है इतिहास |

वेद-पुराण क्या है ?

वेद-पुराण क्या है और एकेश्वरवाद और बहुदेववाद पर आधारित हिन्दुओं के संप्रदाय कितने हैं। वेदों के सूत्रों के आधार पर ही आयुर्वेद, धनुर्वेद, स्थापत्यवेद और गान्धर्ववेद का निर्माण हुआ। आयुर् वेद के कर्ता धन्वन्तरि, धनुर्वेद के कर्ता विश्वामित्र, गान्धर्ववेद के कर्ता नारद मुनि और स्थापत्यवेद के कर्ता विश्वकर्मा हैं। वेदों को पढ़कर ही अक्षपाद गौतम […]