Tag: वेद-पुराण

वेद अर्थ

ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद।ऋग-स्थिति,यजु-रूपांतरण,साम-गतिशील औरअथर्व-जड़।ऋक को धर्म,यजुः को मोक्ष,साम को काम,अथर्व को अर्थभी कहा जाता है।इन्ही के आधार पर धर्मशास्त्र, अर्थशास्त्र, कामशास्त्र और मोक्षशास्त्र की रचना हुई।आज बस इतना ही……

भोग

संसार में जितनी वस्तुएँ उत्पन्न होती हैं सभी उत्पन्न हुए जीवों के भोग के लिए ही हैं। अपने पूर्वजन्म के कर्मों के प्रभाव से जीव संसार में उत्पन्न होता है। उसी प्रकार भोग के अनुकूल उसके शरीर, योनि, कुल, देश, आदि सभी होते हैं। जब वह विशेष भोग समाप्त हो जाता है, तब उसकी मृत्यु […]

गायत्री मंत्र

जब भी कोई व्यक्ति गायत्री मंत्र का पाठ करता है तो अनेक प्रकार की संवेदनाएं इस मंत्र से होती हुई व्यक्ति के मस्तिष्क को प्रभावित करती हैं।जर्मन वैज्ञानिक कहते हैं कि जब भी कोई व्यक्ति अपने मुंह से कुछ बोलता है तो उसके बोलने में आवाज का जो स्पंदन और कंपन होता है, वह 175 […]

धर्म एवं विज्ञान

आज धर्म एवं विज्ञान को अलग-अलग मानना एक साधारण मान्यता है,जबकि धर्म एवं विज्ञान को एक साबित करना टेढ़ी खीर हो गयी है।आप को शरीर और दिमाग के बारे में पूछा जाए तो आप क्या कहेगे ?एक या अलग-अलग हैं।वैज्ञानिक दृष्टि से शरीर तो पदार्थ का बना है जबकि दिमाग चुम्बकीय और विद्युत्-चुम्बकीय बल रेखाओं […]

वेद-पुराण क्या है ?

वेद-पुराण क्या है और एकेश्वरवाद और बहुदेववाद पर आधारित हिन्दुओं के संप्रदाय कितने हैं। वेदों के सूत्रों के आधार पर ही आयुर्वेद, धनुर्वेद, स्थापत्यवेद और गान्धर्ववेद का निर्माण हुआ। आयुर् वेद के कर्ता धन्वन्तरि, धनुर्वेद के कर्ता विश्वामित्र, गान्धर्ववेद के कर्ता नारद मुनि और स्थापत्यवेद के कर्ता विश्वकर्मा हैं। वेदों को पढ़कर ही अक्षपाद गौतम […]